गहलोत बनाम पायलट: सुप्रीम कोर्ट में सचिन पायलट की जीत, अब कल हाईकोर्ट का फैसला

Rajasthan Politics Crisis Ashok Gehlots Statement On Sachin Pilot

Gehlot vs Pilot: विरोध की आवाज को लोकतंत्र में दबाया नहीं जा सकता। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने ये बात राजस्थान विधानसभा स्पीकर की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट को सचिन पायलट (Sachin Pilot) और अन्य कांग्रेसी विधायकों द्वारा अयोग्यता नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर कल आदेश पारित करने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट अपना फैसला सुना सकता है।

 

 

लोकतंत्र में असंतोष की आवाज नहीं दबाई जा सकती

राजस्थान के सियासी संकट (Gehlot vs Pilot) के बीच सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के सवालों पर वकील ​कपिल सिब्बल ने दलीलें दी। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच ने सुनवाई की। जस्टिस अरुण मिश्रा ने कपिल सिब्बल से पूछा कि क्या जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि को अपनी असहमति व्यक्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि असंतोष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र में क्या किसी को इस तरह चुप कराया जा सकता है।

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एक दिन इंतजार क्यों नहीं कर सकते

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपसे हाईकोर्ट ने केवल 24 जुलाई तक इंतजार करने का अनुरोध किया है। स्पीकर के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि आदेश में निर्देश शब्द को हटाए, अदालत ऐसा नहीं कर सकती। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समस्या केवल शब्द के साथ है आदेश में अनुरोध होता है। हाईकोर्ट इस मामले में कल फैसला सुनाएगा वहीं सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा।

 

 

 

Gehlot vs Pilot: 27 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि अध्यक्ष से एक तय समय सीमा के भीतर अयोग्यता पर फैसला लेने के लिए कहा जा सकता है लेकिन कार्यवाही में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये साधारण मामला नहीं है। ये विधायक निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही स्वीकृति योग्य है या नहीं। लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

 

 

 

Gehlot vs Pilot: विधानसभा स्पीकर इसलिए पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 कांग्रेसी विधायकों के खिलाफ दल—बदल विरोधी कार्यवाही को 24 जुलाई तक स्थगित करने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट में सीपी जोशी का पक्ष कपिल सिब्बल ने रखा था। आपको बता दें कि सीपी जोशी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर त्वरित सुनवाई की मांग की थी जिसे कोर्ट ने इनकार कर दिया था।

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