दबंग महिला पुलिस अधिकारी जिसने मुख्यमंत्री पर लगाए संगीन आरोप

domineering female police officer Thounaojam Brinda

देश में इन दिनों एक महिला पुलिस अधिकारी (Female Police Officer) के चर्चे हो रहे हैं। इस दबंग (Domineering) महिला पुलिस अधिकारी (Thounaojam Brinda ) ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर मुख्यमंत्री पर संगीन आरोप लगाए हैं। अपने काम करने के तरीके को लेकर इससे पहले भी ये सुर्खियों में रह चुकी हैं।

 

 

मणिपुर की महिला पुलिस अधिकारी (Female Police Officer) थोउनाओजम बृंदा (Thounaojam Brinda) इन दिनों राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह पर आरोप लगाने के कारण चर्चा में हैं। बृंदा ने साफतौर पर कहा कि बीजेपी नेता और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने उन पर गिरफ्तार लोगों को छोड़ने के लिए दबाव बनाया। उन्होंने सीएम के साथ ही भाजपा के एक नेता पर भी आरोप लगाए हैं। बृंदा ने हाई कोर्ट में जो हलफनामा दिया है, उसमें बताया गया है कि वह चंदेल जिले का एक स्थानीय बीजेपी नेता भी था। उसे छोड़ने के लिए सीएम ने उनपर दबाव बनाया। यही हलफनामा लीक हो जाने के बाद मणिपुर की सियासत में हंगामा मच गया है।

 

 

कोर्ट में दायर हलफनामे में बृंदा (Thounaojam Brinda) ने लिखा है कि इस छापेमारी में हुई गिरफ्तारी से राजनीति में हलचल मच गई। आरोपी चंदेल जिले के 5 वीं स्वायत्त जिला परिषद का चेयरमैन था। वह दो बार कांग्रेस की टिकट पर चेयरमैन बना था। बाद में चंदेल ने बीजेपी जॉइन कर ली। बृंदा का आरोप है कि इस गिरफ्तारी के बाद उनके और उनके विभाग पर इस केस को दबाने का बहुत दबाव डाला गया।

 

 

राज्य के मुख्यमंत्री पर किया सीधे हमला

कोर्ट में दायर हलफनामे में बृंदा (Thounaojam Brinda) ने कहा कि हाल ही में एनएबी ने उनके अंडर में इंफाल में छापेमारी की थी। इस दौरान बड़ी मात्रा में ड्रग्स और कैश जब्त किया था। छापेमारी में जब्त ड्रग्स की कीमत 28 करोड़ 36 लाख से अधिक है। गिरफ्तार आरोपी जिला परिषद का चेयरमैन था। पहले कांग्रेस में था और अब उसने बीजेपी जॉइन कर ली। बृंदा का आरोप है कि इस केस को दबाने के लिए उन पर और उनके विभाग पर बहुत दबाव डाला गया।

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कोर्ट ने जमानत दी तो फेसबुक पर की टिप्पणी

थोउनाओजम बृंदा (Thounaojam Brinda) ने ड्रग्स के केस में ही एक आरोपी लुहखोसेई जोउ को गिरफ्तार किया था। लुहखोसेई जोउ को कोर्ट से जमानत मिल गई। इससे नाराज बृंदा ने अपने फेसबुक अकाउंटर पर टिप्पणी कर दी। मणिपुर हाईकोर्ट ने इसे आपत्तिजनक मानते हुए उनसे ऐफिडेविट दाखिल करने को कहा। साथ ही कार्रवाई के लिए उन्हें चेतावनी भी दी।

 

[su_pullquote]ड्रग रैकेट्स के खिलाफ बृंदा के बेहतरीन काम के लिए फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री ने उन्हें 2018 में सम्मानित किया था। अपने काम की बदौलत ही बृंदा वीरता मेडल और मुख्यमंत्री प्रशस्ति पत्र भी पा चुकी हैं।[/su_pullquote]

कौन हैं थोउनाओजम बृंदा (Thounaojam Brinda)

थोउनाओजम बृंदा (Thounaojam Brinda) के पति आरके चिंगलेन प्रतिबंधित नक्सली ग्रुप यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन रहे राजकुमार मेघेन के बेटे हैं। ससुर राजकुमार मेघेन नक्सली है। इस रिश्ते के कारण उनकी नौकरी लगने में भी दिक्कत आई थी। बृंदा के पति मेघेन के छोटे बेटे हैं। वो भी 2011 में ही अपने पिता से पहली बार मिले थे। क्यों कि उनके पिता बचपन में ही उन्हें छोड़कर भाग गए थे। 33 साल की उम्र में बृंदा दो बच्चों की मां बन गई थी। उसी वक्त उन्होंने मणिपुर पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा दी। मेघेन से उनके रिश्ते के कारण मणिपुर सरकार ने उनको नौकरी नहीं दी। कोर्ट में कई याचिकाओं के बाद उनको नौकरी मिल सकी।

 

 

पुलिस की नौकरी से दे दिया था इस्तीफा!

सिर्फ तीन साल नौकरी करने के बाद डीएसपी रैंक पर पहुंचीं बृंदा (Thounaojam Brinda)ने इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने इसे निजी वजह बताया लेकिन बाद में उन्होंने कुछ इंटरव्यू में कहा कि उनका विभाग उन पर भरोसा नहीं करता था। विभाग में उनका उत्पीड़न भी किया जाता था। उन्होंने कहा कि उनसे जिस तरह का बर्ताव हो रहा था, उस माहौल में काम करना मुश्किल था। इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। हालांकि, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ और कई सालों के ब्रेक के बाद वह फिर से सर्विस में लौट आईं।

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